देवयानी मामला: ‘हम अपने रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं चाहते हैं’

देवयानी मामला: ‘हम अपने रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं चाहते हैं’

वाशिंगटन: अमेरिका की एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि उनका देश वरिष्ठ भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े की गिरफ्तारी के मुद्दे को लेकर भारत के साथ अपने महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव नहीं चाहता।

विदेश विभाग की उप प्रवक्ता मैरी हर्फ ने कल संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम इस मामले से अपने संबंधों को प्रभावित होते नहीं देखना चाहते, क्योंकि हम साथ में बहुत सारे मुद्दों पर काम करते हैं। हमारे द्विपक्षीय संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं और हमने बार-बार कहा है कि हम ऐसा (अपने रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव) नहीं चाहते हैं।’’ हर्फ भारतीय राजनयिक की गिरफ्तारी से भारत-अमेरिका के संबंधों पर पड़े प्रभाव से जुड़े सवालों का जवाब दे रही थीं।

हर्फ ने कहा, ‘‘हमारी अपने भारतीय समक्षों के साथ सार्थक बातचीत हुई है। और इस वजह से हम इस समय प्रक्रिया को अपने आप चलने दे रहे हैं और संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए अपनी ओर से ध्यान दे रहे हैं। मेरे पास इस बात को मानने का कोई कारण नहीं है कि हमारे लोगों ने इसे लेकर कुछ गलत किया है।’’

हर्फ ने कहा कि विदेश विभाग खोबरागड़े के तबादले के आवेदन तथा पूर्ण राजनयिक छूट के लिए जरूरी दस्तावेज जारी करने की समीक्षा कर रहा है। उन्होंने भारतीय मीडिया में आ रही उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें अमेरिकी दूतावास द्वारा कम मेहनताना देने या देश में किसी स्थानीय कानून के उल्लंघन की बात कही जा रही है।

गौरतलब है कि 39 वर्षीय खोबरागड़े को अपनी नौकरानी संगीता रिचर्ड के वीजा आवेदन में गलत जानकारी देने के आरोप में 12 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 2,50,000 डॉलर के मुचलके पर रिहा किया गया। इसके बाद राजनयिक की कपड़े उतार कर तलाशी लेने और नशेबाजों एवं अपराधियों के साथ जेल में रखे जाने की खबरें सामने आने से दोनों देशों के बीच विवाद गहरा गया। भारत सरकार ने खोबरागड़े का संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी अभियान में तबादला कर दिया है, ताकि उन्हें गिरफ्तारी से आवश्यक राजनयिक छूट मिल सके

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